राहु काल क्या है? – जानिए इसके महत्व और समय
- Karmic Code
- Aug 27, 2025
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राहु काल का अर्थ
राहु काल, जिसे राहु कालम भी कहा जाता है, हर दिन का लगभग 90 मिनट का समय होता है जिसे अशुभ माना जाता है। यह सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच आता है और इस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

पौराणिक संदर्भ
हिंदू पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय दैत्य स्वर्भानु ने देवताओं का रूप धारण कर अमृत पीने की कोशिश की। सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान उजागर कर दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने उसका सिर काट दिया। उसका सिर ही राहु कहलाया और आज भी यह ग्रहण और अशुभ प्रभावों से जुड़ा माना जाता है।
क्यों टाला जाता है राहु काल?
शास्त्रों के अनुसार, यदि किसी नए कार्य की शुरुआत राहु काल में की जाए—जैसे विवाह, नया व्यवसाय, पूजन, यात्रा या अन्य शुभ कार्य—तो बाधा और असफलता की संभावना बढ़ जाती है।लेकिन ध्यान दें—पहले से चल रहे कार्य इस समय से प्रभावित नहीं होते।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
राहु काल का समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 भागों में बाँटकर तय किया जाता है। हर दिन इसका स्थान अलग होता है। सामान्य गणना में सूर्योदय सुबह 6 बजे और सूर्यास्त शाम 6 बजे माना जाता है, जिससे हर भाग 1.5 घंटे (90 मिनट) का होता है।

यहाँ सप्ताह के दिनों के अनुसार राहु काल का समय (सूर्योदय 6 बजे मानकर):
दिन | राहु काल का समय (लगभग) |
सोमवार | सुबह 7:30 – 9:00 बजे |
मंगलवार | दोपहर 3:00 – 4:30 बजे |
बुधवार | दोपहर 12:00 – 1:30 बजे |
गुरुवार | दोपहर 1:30 – 3:00 बजे |
शुक्रवार | सुबह 10:30 – 12:00 बजे |
शनिवार | सुबह 9:00 – 10:30 बजे |
रविवार | शाम 4:30 – 6:00 बजे |
स्थान और मौसम के अनुसार अंतर
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय हर स्थान और मौसम के अनुसार बदलता है। इसलिए राहु काल भी हर शहर में अलग-अलग होता है। सही जानकारी के लिए पंचांग, कैलेंडर या विश्वसनीय ऑनलाइन टूल/ऐप का उपयोग करना चाहिए।

मुख्य बातें
राहु काल रोज़ लगभग 90 मिनट का होता है।
इस दौरान नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
पहले से चल रहे काम बिना बाधा जारी रखे जा सकते हैं।
सही समय जानने के लिए स्थान विशेष का पंचांग देखें।
निष्कर्ष
राहु काल को केवल अंधविश्वास न समझें—यह वैदिक ज्योतिष की गहराई से जुड़ी परंपरा है। जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों जैसे विवाह, नया व्यवसाय, या कोई धार्मिक अनुष्ठान शुरू करने से पहले राहु काल का ध्यान रखना शुभ फलदायक माना जाता है।




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